पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव को पोल से नीचे उतरवाया और शिनाख्त की कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान गल्ला मंडी निवासी 22 वर्षीय हीरालाल, पिता परमलाल के रूप में हुई है। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने प्रारंभिक पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने कई अनसुलझे सवाल पीछे छोड़ दिए हैं। शुरुआती नजरों में मामला आत्महत्या का जान पड़ता है, परंतु घटनास्थल की परिस्थितियों और परिजनों के दावों ने इस मामले को “हत्या या आत्महत्या” की पेचीदा गुत्थी में उलझा दिया है।
मृतक हीरालाल के परिजनों ने इस मामले में बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई “नृशंस हत्या” है। उन्होंने कुछ स्थानीय नामजद व्यक्तियों पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया है कि हीरालाल को पहले मौत के घाट उतारा गया और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को बीच सड़क होर्डिंग पोल से लटका दिया गया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्षता से जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।
फिलहाल, पुलिस को मृतक के पास से कोई भी “सुसाइड नोट” बरामद नहीं हुआ है, जिससे रहस्य और गहरा गया है। मोती नगर थाना पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि “पोस्टमार्टम रिपोर्ट” आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। क्या यह मानसिक तनाव में उठाया गया आत्मघाती कदम था या फिर इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश और खूनी साजिश छिपी है? यह अब जांच का विषय है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं पुलिस ने आश्वासन दिया है कि कानून अपना काम कर रहा है और जल्द ही सच सबके सामने होगा।