Seoni Hawala Robbery Case : सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में 2.96 करोड़ रुपये के हवाला लूट के इस सनसनीखेज मामले में विशेष जांच दल (SIT) हर रोज नई परतें उघाड़ रहा है। शुरुआती जांच से साफ हो गया है कि पूरा षड्यंत्र एक खिलौना व्यापारी पंजू गिरी गोस्वामी की गुप्त सूचना से जन्मा। गोस्वामी ने ही हवाला की गुप्त राशि के रूट की जानकारी जबलपुर क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी को दी, जो आगे चलकर हॉक फोर्स इंचार्ज DSP पंकज मिश्रा तक पहुंची। मिश्रा ने इसे तत्कालीन SDOP पूजा पांडे के पास पहुंचाया, जिसके बाद लूट की पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई। SIT की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि सूचना का यह सुनियोजित जाल ही लूट की नींव बना।
मंगलवार को SIT ने एक और बड़ा झटका देते हुए SDOP पूजा पांडे के जीजा, जबलपुर के मेडिकल स्टोर मालिक वीरेंद्र दीक्षित को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि पूजा अपनी हर हरकत जीजा को बताती थीं और लूटी गई रकम को छिपाने की रणनीति में वीरेंद्र भी शरीक था। अब तक DSP पंकज मिश्रा, प्रमोद सोनी समेत चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि कुल 11 हिरासतें दर्ज हैं। एक आरोपी आरक्षक अभी भी फरार है।
घटना का पूरा घटनाक्रम: 8-9 अक्टूबर की काली रात (Seoni Hawala Robbery Case)
महाराष्ट्र के हवाला कारोबारी सोहनलाल परमार के दो ड्राइवर सतना से नकदी लादे जालना की ओर बढ़ रहे थे। NH-44 पर सीलादेही बायपास के पास बंडोल थाना पुलिस ने कार रोकी, ड्राइवरों को जंगल में घसीटा, पूछताछ के नाम पर 2.96 करोड़ हड़प लिए। बाद में 1.25 करोड़ लौटाकर उन्हें छोड़ दिया। ड्राइवर महाराष्ट्र लौटे तो मालिक को सब बयां किया। सोहनलाल सिवनी पहुंचे, लेकिन बिना FIR के थाने में घंटों बिठाया, धमकाया और खाली हाथ भेजा। आखिरकार कोतवाली में शिकायत दर्ज हुई। सतना-कटनी कनेक्शन भी उजागर हुआ, जहां से रकम इकट्ठी की गई थी।
पूजा पांडे ने शुरू में लूट से साफ इनकार किया, लेकिन DIG जांच में खुलासे होते ही हंगामा मच गया। IG प्रमोद वर्मा ने 9 पुलिसवालों को सस्पेंड किया, DGP ने पूजा को निलंबित कर SIT गठित की। अब SDOP पूजा ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए गुहार लगाई है। जस्टिस देवनारायण मिश्रा की बेंच इस हफ्ते सुनवाई कर सकती है। हाईप्रोफाइल केस होने से कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें हैं।
बंदरबांट की गहरी जड़ें: और गिरफ्तारियां तय (Seoni Hawala Robbery Case)
SIT अब लूटी रकम के बंटवारे की परतें खोल रही है – किसने कितना हिस्सा लिया, पुलिस नेटवर्क में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। हवाला रैकेट का सतना-कटनी लिंक भी जांच के दायरे में है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही और नाम सामने आएंगे। CM डॉ. मोहन यादव की सख्ती के बाद यह केस पुलिस महकमे के लिए कलंक बन चुका है, जहां वर्दी की आड़ में अपराध का यह चेहरा उजागर हो गया।