Seoni Hawala Scam : जबलपुर। सिवनी में हवाला के लगभग 3 करोड़ रुपये की लूट के सनसनीखेज मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सह-अभियुक्त पंजु गिरी गोस्वामी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। वहीं, एक अन्य आरोपी वीरेंद्र दीक्षित ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद दोबारा अर्जी दाखिल करने की बात कहते हुए अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली। मामले की मुख्य आरोपी एसडीओपी पूजा पांडे की जमानत पहले ही खारिज हो चुकी है।
सूचना देने वाले को ही आरोपी बना दिया (Seoni Hawala Scam)
जबलपुर निवासी पंजु गिरी गोस्वामी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने दलील दी कि उनका मुवक्किल ही सबसे पहले कार में हवाला की राशि होने की सूचना देने वाला था। उन्होंने पहले एक आरक्षक को जानकारी दी, जिसने वह सूचना जबलपुर सीएसपी को पहुंचाई। बाद में बालाघाट में तैनात पुलिस अधिकारी को सूचना दी, जिसने यह बात पूजा पांडे तक पहुंचाई। पंजु गिरी का इस हवाला कांड से कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी पुलिस ने सूचना देने वाले को ही आरोपी बना दिया।
शासन की ओर से जमानत का विरोध किया गया और दलील दी गई कि वह साजिश का हिस्सा है। हालांकि, सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली।
क्या है पूरा मामला (Seoni Hawala Scam) :
8-9 अक्टूबर 2025 की रात सिवनी पुलिस ने कटनी से जालना-नागपुर जा रही एक कार को रोका था, जिसमें हवाला की करीब 2.96 करोड़ रुपये की राशि बरामद हुई। मामले को रफा-दफा करने के लिए एसडीओपी पूजा पांडे और उनकी टीम ने आरोपियों से सांठ-गांठ की और बड़ी रकम रिश्वत के रूप में ली।
खुलासे के बाद पुलिस ने पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, लूट और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया। सभी को निलंबित कर गिरफ्तार किया गया। यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को उजागर करता है।