Singrauli News : सिंगरौली। मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवसर तहसील के नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामला चितरंगी क्षेत्र के बालाखण्ड गांव की जमीन के कब्जे से जुड़ा है। शिकायतकर्ता प्रवीण चतुर्वेदी (करौली, सीधी) ने 2016 में जमीन खरीदी थी, लेकिन कब्जा नहीं मिला। 2021 में बेदखली का आदेश भी जारी हुआ, पर चार साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दोनों अधिकारियों की रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई (Singrauli News)
बार-बार चक्कर लगाने पर नायब तहसीलदार महेंद्र कोल और राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश ने मिलकर 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी। लोकायुक्त को शिकायत मिली तो 22-23 नवंबर को सत्यापन किया गया। दोनों अधिकारियों की रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई।
25 नवंबर को लोकायुक्त टीम ने बैरीटोला खुर्द स्थित सरकारी आवास पर छापा मारा और नायब तहसीलदार को 4,000 रुपये लेते धर दबोचा। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पूरी रिश्वत की राशि वसूलने की योजना थी (Singrauli News)
लोकायुक्त DSP ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने मिलकर लंबे समय से शिकायतकर्ता को परेशान किया। पूरी रिश्वत की राशि वसूलने की योजना थी, लेकिन ट्रैप में फंस गए। जांच में और भी खुलासे होने की संभावना है।
इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त का आभार जताया और कहा कि अब उम्मीद है कि जल्द कब्जा मिलेगा। मामले की आगे की जांच जारी है।