टॉम लैथम की चोट और कप्तानी का बदलाव
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के अंतिम दो मैचों में कप्तानी टॉम लैथम के जिम्मे थी। लेकिन तीसरे टी20 में बाएं हाथ के बल्लेबाज लैथम चोटिल हो गए और चौथे टी20 के लिए बाहर हो गए। इसके बाद टीम प्रबंधन ने जिमी नीशम को कप्तानी सौंपी। लैथम की गैरमौजूदगी में टीम में टॉम ब्लंडेल को शामिल किया गया है।
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि मैच के बाद मेडिकल टीम ने लैथम के अंगूठे की जांच की और अगले दिन उन्हें स्कैन के लिए क्राइस्टचर्च ले जाया गया। पांचवें टी20 में लैथम का खेल स्कैन रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा। पांचवां मुकाबला 25 मार्च को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा।
जिमी नीशम का टी20 करियर और कप्तानी का अनुभव
35 साल के नीशम ने 2012 में न्यूजीलैंड के लिए टी20 डेब्यू किया था। अब तक वे 103 टी20 मैच खेल चुके हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब वह कीवी टीम की कप्तानी करेंगे। नीशम टी20 फॉर्मेट में न्यूजीलैंड के 12वें कप्तान होंगे।
नीशम अपने विस्फोटक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में उन्होंने टी20 करियर में 75 पारियों में 1075 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 20.28 और स्ट्राइक रेट 147.46 है। इसके अलावा दाएं हाथ की मध्यम गति की गेंदबाजी में वे अब तक 64 विकेट के लिए हैं। उनके पास चौथे टी20 में जीत हासिल कर टीम को सीरीज में मजबूत स्थिति में पहुंचाने का मौका है।
सीरीज में अब तक की स्थिति
सीरीज का पहला मुकाबला हारने वाली न्यूजीलैंड ने दूसरे और तीसरे मैच में जीत दर्ज करके 2-1 की बढ़त बनाई है। चौथा मुकाबला टीम के लिए दावेदार हो सकता है, खासकर जब कप्तानी बदल गई है। नीशम की कप्तानी में टीम का खेल कैसे प्रभावित होगा, यह फैंस के लिए रोमांचक देखने लायक होगा।
निष्कर्ष और उम्मीदें
टी20 फॉर्मेट में अनुभव और आक्रामक खेल के लिए जाने जाने वाले जिमी नीशम के लिए यह कप्तानी चुनौती भी होगी और अवसर भी। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ कप्तानी कौशल टीम को सीरीज जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।