बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि पैक्स और विपणन सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी सहकारी संस्थाओं की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी और उनके संचालन, संरचना तथा कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी। साथ ही कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वर्ष को ध्यान में रखते हुए सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई के रूप में विकसित करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से अप्रैल माह में पूरे प्रदेश में वृहद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत लगभग 10 लाख किसानों को सहकारिता संस्थाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने से ग्रामीण स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को ऋण, खाद, बीज और अन्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
बैठक में खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री विश्वास कैलाश सारंगने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डबल लॉक की स्थिति में नगद भुगतान के माध्यम से पैक्स के जरिए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इससे किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी तथा सुव्यवस्थित बनेगी।इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता डी. पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।