लियू ने यह भी कहा कि “वनप्लस के बंद होने के बारे में हाल ही में आई अपुष्ट खबरें झूठी हैं। हम सभी पक्षकारों से आग्रह करते हैं कि वे निराधार दावों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।”
भारत में वनप्लस का प्रदर्शन और बाजार स्थिति
वनप्लस 2013 में एक स्वतंत्र ब्रांड के रूप में स्थापित हुआ था और इसका ओप्पो के साथ गहरा संबंध है, क्योंकि दोनों कंपनियां बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स ग्रुप का हिस्सा हैं। निवेशक और आपूर्ति श्रृंखला भी काफी हद तक साझा हैं।
कंपनी भारतीय स्मार्टफोन बाजार के मध्य-प्रीमियम सेगमेंट में सक्रिय है। 2025 की तीसरी तिमाही में वनप्लस ने 10.7 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की और बाजार हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई। इस सेगमेंट में सैमसंग शीर्ष स्थान पर है, उसके बाद ओप्पो और फिर वनप्लस का स्थान है।
आईडीसी (इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन) के अनुसार, भारत में स्मार्टफोन बाजार 2025 की तीसरी तिमाही में पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जिसमें सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल शिपमेंट 48 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया।
भारत में स्मार्टफोन विनिर्माण का बढ़ता महत्व
भारत से स्मार्टफोन की विदेशी शिपमेंट 2021 से 2025 तक लगभग 79.03 बिलियन डॉलर रही, जिसमें 2025 की हिस्सेदारी सबसे अधिक थी। इस दौरान कुल शिपमेंट में एप्पल के आईफोन का हिस्सा लगभग 75 प्रतिशत रहा, जिसका मूल्य 22 बिलियन डॉलर से अधिक था।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ने के कारण भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में और वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक बन चुका है, जहां घरेलू स्तर पर बिकने वाले 99 प्रतिशत से अधिक फोन ‘मेड इन इंडिया’ हैं। इससे भारत की विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका बढ़ रही है।
पीएलआई योजना और भविष्य की संभावनाएं
वनप्लस के मजबूत प्रदर्शन और भारत में स्मार्टफोन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, सरकार की स्मार्टफोन पीएलआई योजना मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, सरकार कथित तौर पर इसके समर्थन को बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रही है।
वनप्लस इंडिया ने अपने भारतीय ऑपरेशन को बंद करने की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी सामान्य रूप से काम कर रही है और मध्य-प्रीमियम सेगमेंट में अपनी बढ़ती हिस्सेदारी के साथ मजबूत स्थिति बनाए रख रही है। भारत के स्मार्टफोन बाजार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ‘मेड इन इंडिया’ पहल के बीच वनप्लस की उपस्थिति और योगदान निरंतर महत्वपूर्ण बने रहेंगे।