“मैं यह नहीं कहता कि जमीन पर सैनिक नहीं होंगे”
अमेरिकी अखबार New York Post को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “जैसा कि हर राष्ट्रपति कहता है, ‘जमीन पर कोई सैनिक नहीं होगा।’ मैं ऐसा नहीं कहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैनिकों को ग्राउंड पर भेजा जा सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिलहाल इसकी आवश्यकता नहीं होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ और हताहतों की खबर
इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि सोमवार तक अमेरिकी सेना के चार सदस्य मारे गए हैं। शनिवार सुबह ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की घोषणा करते हुए ट्रंप ने संभावित नुकसान का संकेत दिया था। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “ईरानी शासन मारना चाहता है। साहसी अमेरिकी नायकों की जान जा सकती है, और हमारे सैनिक हताहत हो सकते हैं; युद्ध में अक्सर ऐसा होता है। ट्रंप ने दावा किया कि यह ऑपरेशन तय समय से आगे चल रहा है और “बहुत तेजी से खत्म होने वाला है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने में चार सप्ताह लगने की उम्मीद थी, लेकिन 49 नेता “एक दिन में” मारे गए। उनके मुताबिक मारे गए लोगों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei भी शामिल थे। हालांकि, इस दावे पर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
“जितना समय लगेगा, उतना चलेगा अभियान”
अमेरिकी जनता बंटी हुई
विदेशी युद्धों में अमेरिका की पिछली उलझनों-जैसे इराक और अफगानिस्तान को देखते हुए अमेरिकी जनता सतर्क नजर आ रही है। एक रॉयटर्स-इप्सोस पोल के अनुसार, केवल 27 प्रतिशत लोगों ने ईरान पर हमले का समर्थन किया, जबकि 43 प्रतिशत इससे असहमत थे और 13 प्रतिशत अनिश्चित रहे।
हालांकि ट्रंप ने पोल के आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा, “मुझे पोलिंग की परवाह नहीं है। मुझे सही काम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक “साइलेंट मेजॉरिटी” पर भरोसा करते हैं, जो उनके अनुसार “असली पोल” में दिखाई देगी।
वैश्विक असर की आशंका
ट्रंप के इस बयान ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। यदि वास्तव में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती होती है, तो यह क्षेत्रीय संघर्ष को व्यापक युद्ध का रूप दे सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें वॉशिंगटन और तेहरान पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाता है।