यह मामला चित्याला मंडल के वेलिमिनेंदु गांव के निवासी कोंडे रघुपति से जुड़ा है। उन्होंने नई मोटरसाइकिल खरीदने का फैसला किया और स्थानीय शोरूम पहुंचकर स्प्लेंडर प्लस मॉडल का चयन किया। वाहन की ऑन-रोड कीमत लगभग ₹1.10 लाख थी। आमतौर पर इतनी बड़ी राशि का भुगतान ऑनलाइन ट्रांसफर, बैंक चेक या बड़े मूल्य के नोटों के माध्यम से किया जाता है, लेकिन रघुपति अपने साथ केवल ₹10 के सिक्के लेकर पहुंचे।
बताया गया कि सिक्के अलग-अलग बोरियों और थैलों में भरकर शोरूम लाए गए थे। जब भुगतान का समय आया तो शोरूम कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इतनी बड़ी मात्रा में सिक्कों की गिनती करना थी। कर्मचारियों ने सिक्कों को अलग-अलग ढेरों में बांटकर उनकी गड्डियां बनाईं और एक-एक करके पूरी राशि का मिलान किया। इस प्रक्रिया में काफी समय लगा और कर्मचारियों को लंबे समय तक लगातार गिनती करनी पड़ी।
सिक्कों की संख्या अधिक होने के कारण शोरूम का सामान्य कामकाज भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। हालांकि सभी सिक्के वैध पाए गए और पूरी राशि सही निकलने के बाद शोरूम प्रबंधन ने भुगतान स्वीकार कर लिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ग्राहक को उनकी पसंद की नई बाइक सौंप दी गई।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो में शोरूम कर्मचारी फर्श और टेबल पर बैठकर सिक्कों की गिनती करते दिखाई दे रहे हैं। बड़ी संख्या में रखे गए सिक्कों को व्यवस्थित तरीके से गिनने का दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया और कई लोगों ने इस अनोखे भुगतान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।
भारतीय मुद्रा प्रणाली के अनुसार सिक्के भी वैध मुद्रा हैं और निर्धारित नियमों के तहत उनका उपयोग भुगतान के लिए किया जा सकता है। हालांकि इतनी बड़ी राशि का भुगतान केवल सिक्कों में किया जाना बेहद दुर्लभ माना जाता है। यही कारण है कि यह घटना स्थानीय स्तर से निकलकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि वैध मुद्रा चाहे नोटों के रूप में हो या सिक्कों के रूप में, उसे स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि व्यावहारिक तौर पर इतनी बड़ी मात्रा में सिक्कों का लेन-देन समय और श्रम दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण साबित होता है। फिलहाल तेलंगाना की यह अनोखी खरीदारी लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा का विषय बनी हुई है।