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शेयर में निवेश का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार: साइबर अपराधियों को खाते बेचने का भी था काम, मंदसौर से पकड़े गए आरोपी


नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का कारोबार मंदसौर जिले के भावगढ़ से संचालित होता था। ये लोग अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचते थे, जिनके जरिए देशभर में ठगी के पैसों का लेन-देन किया जाता था।

क्या था मामला?
मिसरौद निवासी सुनील वर्मा (परिवर्तित नाम) ने 4 अगस्त 2024 को साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने बताया कि एक फर्जी ‘स्टॉक एप्लीकेशन’ के माध्यम से उन्हें शेयर मार्केट में निवेश करने और कई गुना लाभ दिलाने का झांसा दिया गया।
इस जाल में फंसकर उन्होंने 9,91,900 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
कैसे पकड़े आरोपी?
साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खातों के विवरण और मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच की कड़ियाँ मंदसौर जिले तक पहुंचीं। पुलिस टीम ने ग्राम भावगढ़ में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उनकी पहचान गुलशेर खान और रजनीश बारेठ के रूप में हुई।

पुलिस ने इनके पास से 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। जांच में पता चला है कि इनके द्वारा बेचे गए बैंक खातों का उपयोग देश के अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के लिए किया गया था। पुलिस फिलहाल इनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

ऐसे बचें ठगी का शिकार होने से (महत्वपूर्ण सुझाव)
टास्क/लाइक-रेटिंग के नाम पर पैसे देने से बचें:
यूट्यूब सब्सक्राइब, इंस्टा पेज लाइक करने या रेटिंग देने के बदले पैसे मांगने वाली योजनाएं 100% धोखाधड़ी होती हैं। शुरुआत में 50-100 रुपए भेजाकर भरोसा जीतते हैं, फिर बड़े निवेश के नाम पर लाखों ठग लेते हैं।

फर्जी प्रॉफिट से सावधान रहें:
ऐप या वेबसाइट पर दिखाया गया ‘प्रॉफिट’ केवल डिजिटल भ्रम है। निकालने के लिए ‘टैक्स’ या ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं।

गोपनीय जानकारी साझा न करें:
बैंक या KYC के नाम पर आने वाले कॉल पर OTP, CVV, पासवर्ड या PIN कभी न बताएं। बैंक कभी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता।

रिमोट एक्सेस ऐप्स से दूरी बनाए रखें:
AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप्स बिना जरूरत न रखें। इनके जरिए ठग आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं।
अनजान नंबर से वीडियो कॉल रिसीव न करें:
इससे ‘सेक्स्टॉर्शन’ और ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ जाता है।

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