पीआईबी की गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है जो 150 से अधिक देशों को रिफाइन ईंधन उपलब्ध कराता है। चूंकि भारत शुद्ध निर्यातक है घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। देश में एक लाख से अधिक रिटेल फ्यूल आउटलेट्स नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति कर रहे हैं।
स्टॉक की स्थिति
सरकार ने बताया कि भारतीय तेल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित कर ली है। देश में कुल आरक्षित क्षमता 74 दिनों की है और वर्तमान में वास्तविक स्टॉक लगभग 60 दिनों का कवर प्रदान करता है। इसमें कच्चा तेल पेट्रोलियम उत्पाद और रणनीतिक भंडार शामिल हैं।
LPG की उपलब्धता
सरकार ने स्पष्ट किया कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40% की बढ़ोतरी हुई है। अब दैनिक उत्पादन लगभग 50 टीएमटी है जबकि कुल दैनिक आवश्यकता 80 टीएमटी है यानी जरूरत का 60% से अधिक। तेल कंपनियां हर दिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित कर रही हैं। पहले उपभोक्ताओं की घबराहट के कारण सिलेंडर की मांग 89 लाख तक बढ़ गई थी लेकिन अब यह फिर से 50 लाख सिलेंडर पर आ गई है।