घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF (राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीम को बुलाया गया। पिछले 12 घंटों से भी अधिक समय से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन नहर का बहाव तेज होने के कारण अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गोताखोर लगातार पानी की गहराई में उसकी तलाश कर रहे हैं, वहीं किनारे पर खड़े परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शादी के फैसले से थी असंतुष्ट
प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, युवती अपनी इस शादी को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। बताया जा रहा है कि विवाह के बाद से ही वह गुमसुम रहती थी और अक्सर अपनी नाखुशी जाहिर करती थी। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या उस पर शादी के लिए किसी प्रकार का दबाव था या ससुराल पक्ष में कोई अन्य विवाद चल रहा था। पति और ससुर से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के समय की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि किसी भी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध लिए गए जीवन के बड़े फैसले किस कदर आत्मघाती साबित हो सकते हैं। फिलहाल, पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही युवती को ढूंढ लिया जाएगा। घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और लोग इस दुखद अंत से स्तब्ध हैं।