नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) (United Nations – UN) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत (India) ने बच्चों की मौतों को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के लगातार प्रयासों से नवजात (जन्म के तुरंत बाद) और 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में काफी कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 1990 में जहां हर 1000 बच्चों में से 127 बच्चों की 5 साल से पहले मौत हो जाती थी, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर सिर्फ 27 रह गई है। यानी लगभग 79% की कमी आई है। इसी तरह नवजात बच्चों की मौत भी 57 से घटकर 17 प्रति 1000 रह गई है, जो करीब 70% की गिरावट है।
सरकार की योजनाओं से मिली सफलता- जेपी नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह सफलता सरकार की योजनाओं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मिली है। जैसे कि जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) और टीकाकरण अभियान ने इसमें बड़ा योगदान दिया है।
दक्षिण एशिया में 1990 से अब तक 76% की कमी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दक्षिण एशिया में बच्चों की मौतों में 1990 से अब तक 76% की कमी आई है, जिसमें भारत का सबसे बड़ा योगदान रहा है। भारत में अस्पताल में सुरक्षित डिलीवरी, बेहतर इलाज और बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण जैसी सुविधाओं ने हालात को काफी सुधारा है।
बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बना भारत
यूनिसेफ ने भी भारत की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार और राज्यों के मिलकर काम करने से यह संभव हुआ है। साथ ही, यह भी बताया गया कि बच्चों की ज्यादातर मौतें रोकी जा सकती हैं अगर समय पर इलाज और सही देखभाल मिले। हालांकि, अभी भी दक्षिण एशिया में दुनिया के करीब 25% बच्चों की मौत होती है, लेकिन तेजी से सुधार हो रहा है। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जो बड़े स्तर पर बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।