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1967 से आज तक अटूट यात्रा कृषि दर्शन की अनोखी कहानी


नई दिल्ली । भारत में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत दूरदर्शन के साथ साल 1959 में हुई थी और तभी से यह माध्यम देश के हर वर्ग तक जानकारी मनोरंजन और शिक्षा पहुंचाने का सशक्त जरिया बन गया। समय के साथ दूरदर्शन पर कई लोकप्रिय कार्यक्रम प्रसारित हुए जिनमें रामायण हम लोग और आपबीती जैसे शो शामिल हैं लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा कार्यक्रम भी रहा जिसने न सिर्फ इतिहास बनाया बल्कि आज तक अपनी उपयोगिता और प्रासंगिकता को बनाए रखा है। इस शो का नाम है कृषि दर्शन जिसे भारत का सबसे लंबा चलने वाला टेलीविजन शो माना जाता है।

कृषि दर्शन की शुरुआत 26 जनवरी 1967 को हुई थी जो कि गणतंत्र दिवस का खास दिन था। इस शो को खासतौर पर किसानों के लिए डिजाइन किया गया था ताकि उन्हें खेती से जुड़ी नई तकनीकों उन्नत बीजों और आधुनिक तरीकों की जानकारी दी जा सके। शुरुआत में यह कार्यक्रम केवल दिल्ली के आसपास के लगभग 80 गांवों में ही प्रसारित किया जाता था। उस समय इसका उद्देश्य साफ था किसानों को सशक्त बनाना और उन्हें वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करना।

समय के साथ इस शो की लोकप्रियता बढ़ती गई और यह सीमित क्षेत्र से निकलकर पूरे देश तक पहुंच गया। आज कृषि दर्शन न केवल टीवी पर बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध है जिससे किसान कहीं भी कभी भी इसे देख सकते हैं। यह शो पहले डीडी नेशनल पर प्रसारित होता था लेकिन साल 2015 में इसे डीडी किसान चैनल पर स्थानांतरित कर दिया गया जिससे इसका फोकस और अधिक स्पष्ट रूप से कृषि पर केंद्रित हो गया।

इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यह केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का काम किया। खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान नई तकनीकों का प्रदर्शन और विशेषज्ञों की सलाह इस शो की पहचान बन गई। यही वजह है कि दशकों बाद भी इसकी उपयोगिता कम नहीं हुई बल्कि और अधिक मजबूत हुई है।

कृषि दर्शन को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यानी ICAR के सहयोग से शुरू किया गया था। यह पहल भारत सरकार की उस सोच का हिस्सा थी जिसमें कृषि को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। विकिपीडिया के अनुसार इस शो के अब तक 62 सीजन पूरे हो चुके हैं और 16780 से अधिक एपिसोड प्रसारित किए जा चुके हैं जो इसे अपने आप में एक रिकॉर्ड बनाता है।

आज जब मनोरंजन के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं तब भी कृषि दर्शन अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यह सिर्फ एक टीवी शो नहीं बल्कि किसानों के लिए ज्ञान का एक भरोसेमंद स्रोत है जिसने पीढ़ियों को जोड़ा है और देश के कृषि विकास में अहम भूमिका निभाई है।

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