हालांकि इस योजना से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है।
स्थानीय रहवासी योगेश साहू का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ी सड़क बनने से कई घर आंशिक रूप से टूट जाएंगे और उनमें रहना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि अगर सड़क को 18 मीटर तक चौड़ा किया जाए तो विकास भी होगा और लोगों के मकान भी सुरक्षित रह सकेंगे।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन हुआ है। इससे पहले गुरुवार को करीब 400 से ज्यादा लोग अपने क्षेत्रीय विधायक Anil Jain Kalukheda के आगर रोड स्थित कार्यालय पहुंच गए थे और सड़क चौड़ीकरण योजना पर नाराजगी जताई थी। उस समय स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब विधायक वहां से जाने लगे और आक्रोशित लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली। इसके बाद लोगों ने उन्हें भाजपा कार्यालय तक ले जाकर अपनी बात रखी।
बताया जा रहा है कि इस दौरान कई महिलाएं रोते हुए कार्यालय के अंदर पहुंच गईं और जोरदार नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक कई बार आवेदन दिए हैं। उनका दावा है कि कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और रहवासियों के बीच इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है, क्योंकि एक ओर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए सड़क चौड़ीकरण जरूरी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों परिवार अपने घर और कारोबार बचाने की मांग कर रहे हैं।