मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 3.78% टूटकर 52,789 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 4.12% टूटकर 15,070 पर पहुंच गया। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, जिससे बाजार में चौतरफा मंदी बनी हुई है।
मध्य पूर्व तनाव बना सबसे बड़ा कारण
इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में भारी तनाव है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज झील के लिए 48 घंटे की अंतिम घोषणा और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी में गिरावट और नीचे दिए गए। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्रीय हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी है। यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है, जिससे अल्पावधि में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है।
वैश्विक उपकरण से मिले ख़राब संकेत
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गिरावट ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाया। टोक्यो, सोल, हांगकांग, शंघाई और बैंकॉक जैसे प्रमुख एशियाई देशों में 2% से 6.5% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे घरेलू उद्यमियों का भरोसा टूट गया।
कच्चे तेल की इकाइयों ने चिंता व्यक्त की
तेल बाजार में तेजी से भी गिरावट की अहम वजह बनी। ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 100 डॉलर प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया। तेल के रासायनिक यौगिक भारत जैसे तेल उत्पादक देशों के लिए औद्योगिक और आर्थिक दबाव बढ़ाते हैं, जिससे बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
विदेशी बिजनेसमैन की बिकवाली ने भी बाजार को झटका दिया। पिछले मत्स्य सत्र में एफओवाई ने 5,518 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जबकि डीईओआई ने 5,706 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इसके बावजूद बाजार में गिरावट को रोकना मुश्किल साबित हुआ।
विपक्ष में सोनम कपूर
इन सभी सामानों के सामान बाजार में डर और शांति का मोहरा बना हुआ है। पर्यटक पर्यटक आकर्षण अपनाते नजर आ रहे हैं और आगे की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।