यह आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा था और इसे इस बार भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी थी। लेकिन अनुमति संबंधी अड़चनों के चलते कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि अब आगामी तिथि और आगे की रणनीति अदालत के निर्णय के बाद ही तय की जाएगी।
इसी बीच धर्मसभा को लेकर एक नया विवाद भी सामने आया है। आयोजक पक्ष के शिशुपाल ठाकुर ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हैदराबाद से आने वाले हिंदूवादी नेता और विधायक टी. राजा सिंह को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ठाकुर का कहना है कि पिछले दो दिनों से इस तरह की धमकियों के संदेश सोशल मीडिया पर देखे जा रहे हैं, जो कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या नागरिक को इस तरह की धमकी देना गंभीर अपराध है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ साक्ष्य पुलिस प्रशासन को सौंपे गए हैं और जल्द ही संबंधित थानों में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने मांग की है कि धमकी देने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
दूसरी ओर, प्रशासन द्वारा अनुमति निरस्त किए जाने के फैसले को आयोजक संस्था ने न्यायालय में चुनौती दी है। फिलहाल इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, जिसके चलते 31 मई की धर्मसभा को स्थगित करना पड़ा।
संस्था के अनुसार अब कार्यक्रम की अगली तारीख न्यायालय के आदेश और प्रशासनिक स्थिति को देखते हुए तय की जाएगी। आयोजन लंबे समय से जारी परंपरा का हिस्सा रहा है, लेकिन इस बार कानूनी और सुरक्षा कारणों ने इसे प्रभावित किया है।