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7.5 तीव्रता के भूकंप ने वेनेजुएला को झकझोरा, 235 लोगों की मौत, बचाव अभियान तेज, अंतरराष्ट्रीय सहायता जुटाने में सरकार सक्रिय


नई दिल्ली । वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुकाबले हालात कहीं अधिक गंभीर साबित हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और कई अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। लगातार चल रहे राहत एवं बचाव अभियान के बीच सरकार ने पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में भी बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निजी कंपनियों को भारी मशीनें और मलबा हटाने वाले उपकरण तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है ताकि बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही सरकार ने 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का विशेष राहत कोष बनाने का फैसला किया है जिससे प्रभावित परिवारों और क्षेत्रों को आर्थिक सहायता मिल सके। कारोबारियों को राहत देने के लिए विशेष ऋण सुविधा भी शुरू की जा रही है ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को जल्द दोबारा पटरी पर लाया जा सके।

नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि यह देश में कई दशकों बाद आई सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। उनके अनुसार करीब 200 लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। बचाव दल दिन रात अभियान चला रहे हैं और समय के साथ जीवन बचाने की चुनौती लगातार कठिन होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हर संभव संसाधन बचाव अभियान में लगाए गए हैं और प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

विदेश मंत्री इवान गिल ने जानकारी दी कि वेनेजुएला सरकार अंतरराष्ट्रीय सहायता के समन्वय के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही है। उन्होंने बताया कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कम से कम एक दर्जन देशों ने राहत सामग्री विशेषज्ञ टीमों और तकनीकी सहयोग की पेशकश की है। सरकार इन प्रस्तावों पर तेजी से काम कर रही है ताकि प्रभावित इलाकों तक जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।

बुधवार को आए दोनों भूकंपों की तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई थी। दोनों झटके लगभग 10 किलोमीटर की कम गहराई पर आए जिससे उनका असर अत्यधिक विनाशकारी रहा। उत्तर मध्य राज्य ला गुएरा और राजधानी काराकस महानगरीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया। दोनों भूकंपों के बीच एक मिनट से भी कम का अंतर था और उसके बाद आए लगातार आफ्टरशॉक्स ने पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के गिरने का खतरा और बढ़ा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वेनेजुएला को व्यापक समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है और सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल राहत कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने भी वेनेजुएला के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए बचाव एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम भेजने की तैयारी का ऐलान किया है। वैश्विक सहयोग के बीच अब वेनेजुएला के सामने सबसे बड़ी चुनौती राहत कार्यों को तेज करते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और सामान्य जीवन बहाल करना है।

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