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STSF की बड़ी कार्रवाई: 9 साल से फरार तारकनाथ घोष यूपी से गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी गिरोह को बड़ा झटका


भोपाल । मध्यप्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष निर्देशों के बाद सक्रिय फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय कुख्यात तस्कर तारकनाथ घोष को उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक ऐसे आरोपी की थी जो पिछले 9 वर्षों से फरार चल रहा था और जिसके खिलाफ राज्य में कछुओं और घड़ियालों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े तीन गंभीर मामले दर्ज थे।

जानकारी के अनुसार तारकनाथ घोष के खिलाफ ये मामले 5 मई 2017 को CBI को सुपुर्द किए गए थे। तस्करी का यह जाल केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं था बल्कि यह भारत के कई राज्यों और बांग्लादेश व थाईलैंड तक फैला हुआ था। STSF ने लंबे समय से इस पर नजर रखी थी और आरोपी को पकड़ने के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

गिरफ्तारी एक संयुक्त अभियान का हिस्सा थी जिसमें वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो रेलवे पुलिस और अन्य स्थानीय इकाइयों ने सहयोग किया। इस संयुक्त अभियान में STSF ने बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी और जमीन पर निगरानी का इस्तेमाल किया। कानपुर में किए गए ऑपरेशन के दौरान तारकनाथ घोष को घेराबंदी कर पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी को विशेष न्यायालय शिवपुरी में पेश किया गया जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।

STSF की टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाया जा सके और अन्य शामिल व्यक्तियों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोहों के लिए बड़ा झटका है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सफलता पर STSF और अन्य सहयोगी टीमों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और अवैध तस्करी पर किसी प्रकार की सहनशीलता नहीं दिखाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल तस्करों के लिए चेतावनी हैं बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

वन्यजीव अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से प्रदेश में कछुओं घड़ियालों और अन्य संकटग्रस्त प्रजातियों की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही आरोपी के पूछताछ के आधार पर पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण में ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

इस अभियान से यह भी स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश सरकार और STSF वन्यजीव तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। अब अधिकारियों की नजर इस नेटवर्क के अन्य सक्रिय सदस्य और अंतरराष्ट्रीय लिंक पर है ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

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