कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत रखा गया था। श्रद्धांजलि समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे और सभी ने राजीव गांधी के राजनीतिक जीवन और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। नेताओं ने उन्हें आधुनिक भारत की सोच रखने वाला दूरदर्शी नेता बताया और उनके कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को भी स्मरण किया।
इस अवसर पर पार्टी की ओर से देशभर में भी अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कई जगह सामाजिक गतिविधियां जैसे रक्तदान शिविर और पौधारोपण कार्यक्रम भी शामिल रहे। राजधानी दिल्ली में वीरभूमि के बाहर सुबह से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों की आवाजाही बनी रही। लोग फूल लेकर पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की।
राजीव गांधी का निधन 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में एक चुनावी सभा के दौरान हुआ था। उस दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने माला पहनाने के बहाने उनके करीब आकर विस्फोट कर दिया था, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई थी। यह घटना देश के इतिहास में एक अत्यंत दुखद अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसने पूरे राष्ट्र को शोक में डुबो दिया था।
तब से हर वर्ष 21 मई को कांग्रेस पार्टी और उनके समर्थक राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके योगदान को याद करते हैं। 35 वर्ष बाद भी यह दिन उनके राजनीतिक जीवन, विचारों और देश के लिए किए गए कार्यों को स्मरण करने का अवसर बन गया है, जहां नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर उन्हें नमन करते हैं।