गेहूं पर MSP और अतिरिक्त भत्ता
खाद्य एवं रसद विभाग से जुड़े फैसलों के अनुसार, इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष से 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। साथ ही किसानों को गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। इसका मतलब है कि किसानों के खातों में प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि भेजी जाएगी।
खरीद लक्ष्य और प्रक्रिया
इस सीजन में गेहूं की खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य 30 लाख टन रखा गया है, जबकि अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि यह 50 लाख टन तक पहुंच सकता है। राज्य में खरीद 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक होगी। पूरे प्रदेश के 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। भुगतान DBT के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। खरीद व्यवस्था आठ एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी, जिनमें भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, प्रांतीय और प्रादेशिक सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ शामिल हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट
घाटमपुर पावर प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिटों में से दो यूनिट चालू हैं और तीसरी जल्द शुरू होगी। झारखंड के दुमका में आवंटित पछवारा कोल माइन के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की मंजूरी कैबिनेट ने दी। यह प्लांट केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है।
गोरखपुर सोलर सिटी में विकसित होगा
अयोध्या के बाद गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में पहले से ही औरैया (20 मेगावॉट, NTPC) और खुर्जा (11 मेगावॉट, THDC) में फ्लोटिंग सोलर प्लांट मौजूद हैं।
नगर विकास और स्मार्ट शहर
नवयुग पालिका योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 75 जिलों में से 17 नगर निगम को छोड़कर बाकी 58 जिला मुख्यालयों के नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने का काम किया जाएगा।
औद्योगिक और अवस्थापना विकास
उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना 2025 को मंजूरी दी गई। इसके तहत सरकार भूमि निशुल्क उपलब्ध कराएगी और निजी निवेशक आमंत्रित किए जाएंगे। निवेश पर 45 साल में भूमि की कीमत वसूली जाएगी। संभल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर की स्थापना के लिए 242.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। यह परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे संभल पॉकेट में विकसित होगी।