इससे पहले मार्च में दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण तो लगातार चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं, जबकि 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। अब तीसरे दौर की शुरुआत 27 मार्च से होने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, इस बदलाव से पहले गुरुवार को प्रदेश में तेज गर्मी का असर बना रहेगा। खासतौर पर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान अधिक रहने की संभावना है।
बुधवार को भी कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। प्रदेश के पांच शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा जबलपुर में 36.1 डिग्री, इंदौर में 36 डिग्री, भोपाल में 35.8 डिग्री और ग्वालियर में 35.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 38.8 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा रतलाम में 38.6 डिग्री, खंडवा में 38.5 डिग्री, खरगोन और रायसेन में 38 डिग्री, धार और मंडला में 36.8 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खजुराहो में 36.4 डिग्री और बैतूल में 36.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
वहीं, आगे के महीनों को लेकर भी अनुमान जारी किया गया है। विभाग के मुताबिक अप्रैल और मई में इस साल तेज गर्मी पड़ सकती है। इस दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर ज्यादा रहेगा।