पहला मामला तेजाजी नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार शक्करखेड़ी निवासी Pappu Kewat को गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पेंटिंग ठेकेदारी का काम करते थे और रविवार को एक निर्माण स्थल का निरीक्षण करने निपानिया क्षेत्र गए थे।
परिजनों के मुताबिक, रविवार को अवकाश होने के कारण वह अपने काम से संबंधित एक स्थान देखने गए थे। वहां से लौटते समय किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद वे सड़क पर घायल अवस्था में पड़े रहे। बाद में राहगीरों की नजर उन पर पड़ी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
परिवार के सदस्य अंकित ने बताया कि मृतक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। माता-पिता गांव में रहते हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
उधर, दूसरी घटना पलासिया क्षेत्र से सामने आई है, जहां एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, Ramchandra निवासी ओल्ड पलासिया को रविवार रात उनके परिचित एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम वह सामान्य रूप से घर पर थे। कुछ समय बाद वह बाथरूम गए और बाहर आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया गया कि उन्हें अचानक उल्टियां शुरू हो गईं। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, मृतक एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत थे। उनका एक बेटा जबलपुर एयरपोर्ट पर नौकरी करता है, जबकि दूसरा बेटा इंदौर में रहता है। परिवार मूल रूप से छतरपुर का रहने वाला है।
पलासिया पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
दोनों घटनाओं के बाद संबंधित थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच आगे बढ़ा दी है। एक मामले में सड़क हादसे के जिम्मेदार वाहन चालक की तलाश जारी है, जबकि दूसरे मामले में चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।