लोकायुक्त पुलिस के अनुसार ग्राम चंदावड़ तहसील भगवानपुरा निवासी 69 वर्षीय श्यामलाल उपाध्याय ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज एक शिकायत के निराकरण के बदले आरोपी अधिकारी उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस इंदौर मामले की जांच की और योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। तय रणनीति के तहत जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 7 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई एक बार फिर दर्शाती है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा रही है और लोकायुक्त संगठन लगातार ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
साथ ही यह घटना आम नागरिकों को भी यह संदेश देती है कि यदि उनसे किसी भी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो वे बिना डर के शिकायत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।