रेणु बाला ने अपने जवाब में यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से अभियान चलाया गया और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं वे पूरी तरह निराधार हैं और सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। इस पूरे मामले ने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है जहां एक ओर पार्टी अनुशासन की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर विधायक खुद को निर्दोष साबित करने में जुटे हैं।
दरअसल 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा कांग्रेस के पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे जिसके बाद पार्टी ने 20 मार्च को इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी का आरोप था कि इन विधायकों ने जानबूझकर आधिकारिक उम्मीदवार को हराने की कोशिश की जो अनुशासनहीनता के साथ साथ पार्टी विरोधी गतिविधि की श्रेणी में आता है। नोटिस में सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया था।
अब तक तीन विधायक अपने जवाब दे चुके हैं जिनमें रेणु बाला के अलावा शैली चौधरी और जरनैल सिंह शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इन सभी ने लगभग एक जैसी सफाई दी है और कहा है कि उन्होंने पार्टी उम्मीदवार को ही वोट दिया और अपना बैलट अधिकृत एजेंट को दिखाया था। इसके बावजूद उनके खिलाफ आरोप लगाए जाना राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं दो अन्य विधायक मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इजरायल ने अभी तक अपना जवाब नहीं दिया है जिससे इस मामले को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
इधर मोहम्मद इजरायल ने अपने क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान दिए बयान में संकेत दिए कि उनके फैसले को जनता के नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी निर्णय उन्होंने लिया वह क्षेत्र के विकास और लोगों के सम्मान के लिए था और उसमें उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में चुनाव लड़ने और किस पार्टी से लड़ने का फैसला जनता ही करेगी। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में अलग अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में खुली मतदान प्रणाली लागू होती है जिसमें विधायकों को वोट डालने के बाद पार्टी के अधिकृत एजेंट को अपना बैलट पेपर दिखाना होता है। हालांकि क्रॉस वोटिंग करने पर उनकी सदस्यता तो समाप्त नहीं होती लेकिन पार्टी अपने स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई जरूर कर सकती है। ऐसे में यह मामला केवल एक चुनावी विवाद नहीं बल्कि कांग्रेस के अंदर अनुशासन और एकजुटता की बड़ी परीक्षा बन गया है। आने वाले दिनों में पार्टी इस पर क्या कदम उठाती है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।