श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। गर्मी से राहत देने के लिए परिसर में कूलर, पानी और शरबत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण बड़ी पार्किंग से ही भक्तों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है, वहीं दर्शन के बाद प्रसाद वितरण की भी सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है।
मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास के अनुसार, राम-हनुमान जन्मोत्सव के तहत मंदिर को केसरिया महल की थीम पर सजाया गया है। फूलों से सजे बंगले के साथ केसरिया पर्दों ने मंदिर की भव्यता को और बढ़ा दिया है। रात 10 बजे से महाभिषेक की शुरुआत हुई, जिसके बाद श्रृंगार का क्रम सुबह 3 बजे तक चला। सुबह 6 बजे जन्मोत्सव आरती के बाद भक्तों के लिए दर्शन प्रारंभ कर दिए गए।
पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिग-जैग लाइन व्यवस्था बनाई गई है। करीब 40 कूलर और पानी की फुहार वाले पंखे लगाए गए हैं, वहीं जमीन पर कारपेट बिछाकर व्यवस्था को आरामदायक बनाया गया है। साथ ही तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं ताकि भक्त कार्यक्रमों को आसानी से देख सकें।
भक्तों के लिए तीन स्थानों पर पानी और एक स्थान पर शरबत की व्यवस्था की गई है। दर्शन के बाद प्रसाद के रूप में फ्रूट सलाद, लस्सी और छाछ वितरित किए जाएंगे। 7 अप्रैल को लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं के लिए चलित भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
इसी क्रम में इंदौर के पितृ पर्वत पर भी हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर के महेश दलोदरा ने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजे मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक-पूजन होगा, जिसके बाद दाल-टिक्कड़ का भोग अर्पित किया जाएगा और फूलों से भगवान का श्रृंगार किया जाएगा। शाम 6 बजे आरती के साथ भव्य आतिशबाजी होगी और करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।