Mahakaushal Times

फ्यूल संकट में भारत का सहयोग, भूटान ने पीओएल-एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार


नई दिल्ली।पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष का असर हिमालयी देश भूटान पर भी दिखा है। देश में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और सरकार ने इसे “कंट्रोल से बाहर” बताया है। इस कठिन समय में पड़ोसी देश भारत ने पीओएल (पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट) और एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करके भूटान को राहत दी है, जिसके लिए भूटानी सरकार ने भारत का धन्यवाद किया है।

पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतें
प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के कार्यालय ने 1 अप्रैल को जारी बयान में बताया कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के बाद से पेट्रोल की कीमतें 28 फरवरी से 60% से ज्यादा बढ़ गई हैं। इस अवधि में पेट्रोल की कीमत लगभग 65 न्गुलट्रम (एनयू) से बढ़कर 95 न्गुलट्रम हो गई। 1 अप्रैल 2026 की आधी रात से थिंपू में पेट्रोल की खुदरा कीमत 114.31 एनयू प्रति लीटर और डीजल की 174.13 एनयू प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, फ्यूल सब्सिडी के तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 98.00 और 98.31 एनयू प्रति लीटर पर तय की गई हैं।

सरकार की राहत और जनता से अपील
भूटान सरकार ने फ्यूल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर 21 मार्च 2026 से नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क (एनएफपीएसएफ) के तहत सब्सिडी शुरू की। साथ ही, जनता से भी अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें, काम पर पैदल जाएं और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।

भारत को जताया आभार
भूटान सरकार ने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पीओएल और एलपीजी की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की मदद का उदाहरण है। लगभग 8 लाख की आबादी वाला भूटान अपने फ्यूल का अधिकतर हिस्सा भारत से आयात करता है, जिससे यह सहयोग बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर