जानकारी के अनुसार, मामला थाना मोहदा क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार के पिपरिया निवासी फरियादी ने 6 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 4 नवंबर की शाम घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से तत्काल मदद मांगी। पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू की और नाबालिग की खोज में जुट गई।
जांच में सामने आया कि नाबालिग को कुछ आरोपियों ने अपहरण कर उसे डेढ़ लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामला को गंभीरता से लिया और भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस ने स्थानीय और आस-पास के इलाकों में छापेमारी कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। खोजबीन के दौरान नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बरामद किया गया और उसे परिवार के पास लौटा दिया गया। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
थाना मोहदा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के सामने रखी है। पुलिस इस मामले में पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा चुकी है और फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान चला रही है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और सभी माता-पिता से अपील की गई है कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न होने पर नाबालिगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसलिए परिवार और समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बैतूल पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों को भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपी कानून के अनुसार सख्त सजा पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस सनसनीखेज घटना ने बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता के महत्व को फिर से सामने रखा है। पुलिस और प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे समाज को सचेत रहने की जरूरत है।