नई दिल्ली। भारती एयरटेल ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने दुनिया भर में 650 मिलियन (65 करोड़) ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ कंपनी सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है।
मजबूत वैश्विक उपस्थिति
सुनील भारती मित्तल के नेतृत्व में एयरटेल ने भारत और अफ्रीका में मजबूत पकड़ बनाई है। जीएसएमए इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार, अकेले भारत में ही एयरटेल के 368 मिलियन से ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं। इसके अलावा, 13 मिलियन घर फिक्स्ड ब्रॉडबैंड से जुड़े हैं और 15 मिलियन ग्राहक डिजिटल टीवी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। अफ्रीका में एयरटेल की सहायक कंपनी 14 देशों में 179 मिलियन ग्राहकों को हाई-स्पीड डेटा, वॉयस और मोबाइल मनी जैसी सेवाएं देती है। यहां 52 मिलियन से ज्यादा यूजर्स कंपनी के फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।
भारत में स्थिति और प्रतिस्पर्धा
भारत में एयरटेल अभी भी दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, क्योंकि रिलायंस जियो ने पिछले साल 500 मिलियन से अधिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि जियो की सेवाएं केवल भारत तक सीमित हैं।
प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं
एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा कि 650 मिलियन ग्राहकों तक पहुंचना बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी नवाचार और भरोसेमंद सेवाओं के जरिए ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने पर ध्यान देगी और टेलीकॉम इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।
तकनीकी विकास और संभावनाएं
एयरटेल भारत में शुरुआती 5जी सेवाओं में शामिल रही है। कोटक इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच एयरटेल का सब्सक्राइबर बेस औसतन 2.9 प्रतिशत सालाना बढ़ा है। डेटा यूजर्स 9.7 प्रतिशत की दर से बढ़े हैं, जिससे दिखता है कि अधिक मूल्य वाले ग्राहक तेजी से जुड़ रहे हैं।
कंपनी के करीब 20 प्रतिशत यूजर्स अभी भी 2जी और 3जी नेटवर्क पर हैं, जो एयरटेल के लिए उन्हें 4जी और 5जी नेटवर्क में अपग्रेड करने का बड़ा अवसर पेश करता है। ग्रामीण क्षेत्रों और मोबाइल ब्रॉडबैंड में भी कंपनी के पास विस्तार की बड़ी संभावनाएं हैं।