पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों संस्कार केशरवानी और सौरभ विश्वकर्मा की पूछताछ में मोहित पटेल का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 500 प्रतिशत तक मुनाफे का झांसा दिया और डॉक्टर के साथ 3 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपी ने यस बैंक में करेंट अकाउंट खोलकर साइबर ठगों को मोटे कमीशन पर पैसे ट्रांसफर किए।
मोहित पटेल पेशे से गुमास्ता और एमएसएमई के दस्तावेज तैयार करने का काम करता है। इसके साथ ही वह इनकम टैक्स के दस्तावेज बनाने में भी संलिप्त रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर पहले भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। वर्तमान में क्राइम ब्रांच और साइबर सेल आरोपी से पूछताछ कर मामले की गहनता से जांच कर रही है।
इस मामले ने यह साफ कर दिया है कि शेयर बाजार में अवास्तविक मुनाफे का लालच लोगों को गंभीर वित्तीय नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की ठगी की घटनाओं में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। इस गिरफ्तारी से अन्य संभावित आरोपियों तक पुलिस की पकड़ मजबूत हुई है और मामले की जांच जारी है।