फिनाले की रात माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा हुआ था जब अंतिम परिणाम की घोषणा की गई। जैसे ही विजेता के रूप में तन्वी कोलते का नाम सामने आया, मंच पर मौजूद दर्शकों और प्रतिभागियों में उत्साह की लहर दौड़ गई। शो के दौरान होस्ट की भूमिका निभा रहे रितेश देशमुख ने उनके हाथ को ऊपर उठाकर विजेता घोषित किया, जिसके बाद पूरा सेट तालियों से गूंज उठा।
इस सीजन में कई मजबूत प्रतिभागियों ने अपनी जगह बनाई थी। फाइनल राउंड में तन्वी कोलते के साथ राकेश बापट, अनुश्री माने, दीपाली सैयद और विशाल कोटियन जैसे नाम शामिल थे। जैसे जैसे शो आगे बढ़ा, मुकाबला और भी कड़ा होता गया और अंतिम चरण में तीन प्रमुख प्रतियोगियों के बीच खिताब की दौड़ बेहद दिलचस्प हो गई। अंततः तन्वी ने निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए जीत दर्ज की।
तन्वी कोलते की जीत को केवल किस्मत नहीं बल्कि एक मजबूत रणनीतिक खेल का परिणाम माना जा रहा है। पूरे सीजन में उन्होंने संतुलित व्यवहार बनाए रखा और टास्क में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। चाहे शारीरिक चुनौतियां हों या मानसिक दबाव, उन्होंने हर परिस्थिति में खुद को स्थिर रखते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। उनका यही संतुलन उन्हें अन्य प्रतियोगियों से अलग बनाता रहा।
शो के दौरान राकेश बापट ने रनर अप की स्थिति हासिल की, जबकि विशाल कोटियन तीसरे स्थान पर रहे। विशाल को पूरे सीजन में उनकी रणनीतिक सोच और गेम प्लान के कारण मजबूत प्रतियोगी माना गया। अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने प्रदर्शन से शो को रोचक बनाए रखा और दर्शकों का मनोरंजन किया।
इस पूरे सीजन में दर्शकों को कई तरह के रंग देखने को मिले, जिसमें दोस्ती, प्रतिस्पर्धा, टकराव और भावनात्मक पल शामिल थे। हर कंटेस्टेंट ने अपने तरीके से गेम को आगे बढ़ाया, लेकिन अंत में तन्वी कोलते की निरंतरता और समझदारी उन्हें विजेता बनाने में सबसे बड़ा कारण साबित हुई।