बकरियां चराने गया था मासूम, दोपहर तक नहीं लौटा
जानकारी के अनुसार, दिलीप देवदा का पुत्र अरुण सुबह करीब 8 बजे घर से बकरियां चराने के लिए निकला था। रोज की तरह वह गांव के आसपास पशु चराने गया था, लेकिन दोपहर तक जब बकरियां तो घर लौट आईं, मगर अरुण वापस नहीं आया तो परिजनों को चिंता होने लगी।
तलाश के दौरान कुएं में मिला सुराग
परिजनों और ग्रामीणों ने बालक की तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के पास स्थित एक कुएं के पास उसकी चप्पल और पानी की बोतल दिखाई दी, जो पानी में तैर रही थी। संदेह होने पर ग्रामीणों ने कुएं में झांककर देखा तो वहां से मासूम का शव बरामद हुआ।
पुलिस मौके पर पहुंची, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही पेटलावद पुलिस मौके पर पहुंची। जितेंद्र सिंह दोहरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया।
गांव में पसरा मातम
बालक की आकस्मिक मौत से दाड़िया गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है, लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बालक कुएं में कैसे गिरा। फिलहाल इसे एक दुखद हादसा माना जा रहा है।