ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में जनसुनवाई में आई एक महिला 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह करने की धमकी (Threatening commit suicide) देने लगी. कलेक्ट्रेट परिसर (Collectorate Complex) के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़ने से अचानक अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि महिला कलेक्टर जनसुनवाई में आई थी, 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांग रही थी।
ग्वालियर में मंगलवार दोपहर एक महिला के हंगामे से कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे अफरा-तफरी मच गई। करीब 3:30 बजे एक महिला पांच मंजिला (लगभग 60 फीट) ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह की धमकी देने लगी। महिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आई थी और 20 लाख रुपए आर्थिक मदद मांग रही थी। शाम 6 बजे के करीब महिला को टंकी से नीचे उतार लिया गया।
महिला भूरी बानो खान का कहना है कि उसके पति और दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उसने जिला प्रशासन से 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद की मांग की है। महिला ने चेतावनी दी थी कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह अपनी जान दे देगी।
जानकारी के मुताबिक महिला मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में सहायता की मांग लेकर पहुंची थी। जब उसे तुरंत मदद नहीं मिली, तो उसने यह कदम उठा लिया और पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई।
पुलिस ने उसकी बात सुनने और उसकी डिमांड पूरे करने को लेकर उसे झांसा दिया था, महिला को मिलने पहले एक महिला कांस्टेबल उसके पास टंकी पर चढ़कर गई थी और उसे बातों में उलझाया। कुछ देर बाद दूसरी महिला पुलिसकर्मी ऊपर पहुंची थी और उसे समझाने का प्रयास किया था, लेकिन महिला नहीं मानी थी, जिस पर महिला पुलिसकर्मी ने महिला को समय रहते पकड़ लिया। उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल चीन का नीचे फेंक दी थी।
महिला बानो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह काफी दिनों से परेशान थी। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह उन्हें पालने में असमर्थ थी। उसके पति की मौत 4 साल पहले हो गई थी। वह ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक चलाने का काम करता था। उसकी मौत की रिपोर्ट करने में बहोड़ापुर थाने गई थी, लेकिन वहां पर मौजूद महिला पुलिस कर्मी ने उसे पीटा और भगा दिया था।
इसके बाद में कई बार एसपी ऑफिस शिकायत करने गई थी, लेकिन वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद आर्थिक सहायता के लिए कई बार कलेक्ट कार्यालय की जनसंख्या में भी पहुंची, लेकिन वहां भी उसकी कोई मदद की नहीं की गई। महिला का कहना है कि उसे आर्थिक सहायता में प्रशासन से 20 लाख रुपए की मांग की थी। प्रशासन ने उसे कागज पर लिखकर दिया है कि 3 महीने के अंदर वह उसकी मांग पूरी कर देंगे।