नई दिल्ली। गर्मियों में तरबूज को सबसे ताजगी देने वाले फलों में गिना जाता है, लेकिन हाल ही में मुंबई में हुई एक दर्दनाक घटना ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद आशंका जताई जा रही है कि मामला फूड प्वाइजनिंग से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि परिवार ने पहले बिरयानी खाई थी और उसके बाद घर में रखा तरबूज खाया था। कुछ ही घंटों बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई और उल्टी-दस्त जैसे लक्षण सामने आए। अस्पताल पहुंचने पर सभी की मौत हो गई।
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और इसे फिलहाल संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग मानते हुए खाद्य सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी।
क्या तरबूज से हो सकती है मौत?
इस घटना के बाद यह सवाल चर्चा में आ गया है कि क्या तरबूज खाना जानलेवा भी हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, तरबूज खुद में सुरक्षित फल है, लेकिन अगर यह दूषित हो जाए या गलत तरीके से स्टोर किया जाए तो इसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे फूड प्वाइजनिंग हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तरबूज में पानी और प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए खराब या संक्रमित होने पर यह बैक्टीरिया के लिए अनुकूल वातावरण बन सकता है। कुछ मामलों में इसमें मिठास बढ़ाने के लिए बाहरी पदार्थ मिलाने की भी आशंका रहती है, जो जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक फूड प्वाइजनिंग के लक्षणों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द शामिल हैं। इसकी गंभीरता बैक्टीरिया के प्रकार और व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करती है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि केवल तरबूज को दोष देना सही नहीं है। फूड प्वाइजनिंग किसी भी दूषित भोजन या असुरक्षित तरीके से रखे गए खाने से हो सकती है, इसलिए पूरे मामले की जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।