शुरुआती दौर में अनुष्का लगातार ऑडिशन देती रहीं, लेकिन कई बार चयन नहीं हो पाया। कुछ ही समय के भीतर उन्हें एक के बाद एक रिजेक्शन झेलने पड़े, जिससे उनका मन भी कई बार निराश हुआ। इसके बावजूद उन्होंने कोशिश करना नहीं छोड़ा और नए मौकों की तलाश जारी रखी।
इसी बीच उन्हें एक बड़े फिल्म प्रोजेक्ट के लिए ऑडिशन का मौका मिला। उस समय तक उन्हें अपनी सफलता को लेकर ज्यादा उम्मीद नहीं थी, क्योंकि पहले के अनुभव कुछ खास अच्छे नहीं रहे थे। वह साधारण लुक में ऑडिशन देने पहुंचीं और इसे भी एक सामान्य प्रयास ही मान रही थीं।
लेकिन यहीं से उनकी किस्मत बदलने लगी। ऑडिशन के बाद उन्हें दोबारा बुलाया गया और आगे की प्रक्रिया शुरू हुई। धीरे-धीरे बात आगे बढ़ी और अंत में उन्हें फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए चुन लिया गया। यह वही फिल्म थी जिसने उन्हें इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान दी और उनका करियर पूरी तरह बदल दिया।
कहा जाता है कि उनके चयन के पीछे उनकी नेचुरल पर्सनालिटी और फ्रेश अप्रोच एक बड़ी वजह थी। उस समय इंडस्ट्री को नए चेहरे की जरूरत थी और अनुष्का शर्मा इस कसौटी पर बिल्कुल फिट बैठीं। यही कारण रहा कि लगातार मिले रिजेक्शन उनके लिए बाधा नहीं बने, बल्कि एक बड़े मौके की वजह बन गए।
उनकी यह कहानी आज भी यह संदेश देती है कि रिजेक्शन हमेशा अंत नहीं होता, बल्कि कई बार यह एक नई शुरुआत का रास्ता खोल देता है। अनुष्का शर्मा का सफर इस बात का उदाहरण है कि धैर्य और लगातार प्रयास कभी भी बेकार नहीं जाते।