Mahakaushal Times

सीढ़ियों पर बैठकर रो रही थीं मोना कपूर, श्रीदेवी-बोनी कपूर की जुदाई के बीच का दर्दनाक किस्सा आया सामने


नई दिल्ली।  बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘जुदाई’ (1997) आज भी अपने दमदार कहानी और सुपरहिट गानों के लिए याद की जाती है। अनिल कपूर, श्रीदेवी और उर्मिला मातोंडकर स्टारर इस फिल्म को राज कंवर ने डायरेक्ट किया था, जबकि इसके निर्माता बोनी कपूर थे। लेकिन इसी फिल्म से जुड़ा एक ऐसा भावुक किस्सा सामने आया है, जिसने इंडस्ट्री के अंदरूनी रिश्तों की एक अलग ही तस्वीर पेश की है।

फिल्म का मशहूर गाना ‘मुझे एक पल चैन ना आए’ उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ था, जिसे जसपिंदर नरूला ने अपनी आवाज दी थी। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में जसपिंदर ने इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय का एक बेहद इमोशनल अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वह समय उनके लिए जितना पेशेवर था, उतना ही भावनात्मक रूप से जटिल भी था।

जसपिंदर नरूला के अनुसार, उसी दौरान बोनी कपूर और श्रीदेवी की नजदीकियां चर्चा में थीं और इसी बीच बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना शौरी कपूर निजी तौर पर बेहद कठिन दौर से गुजर रही थीं। सिंगर ने बताया कि बाद में उनकी मोना कपूर से अच्छी दोस्ती हो गई थी और उन्होंने उस समय के दर्द को उनके साथ साझा किया था।

जसपिंदर ने बताया कि मोना कपूर ने उनसे कहा था कि जब वह स्टूडियो में यह गाना रिकॉर्ड कर रही थीं, तब उनकी निजी जिंदगी टूटने की कगार पर थी। उन्होंने भावुक होकर कहा था कि “जब अंदर गाना रिकॉर्ड हो रहा था, तब बाहर उनका घर टूट रहा था।” इस दौरान वह स्टूडियो की सीढ़ियों पर बैठकर रोती रहीं।

सिंगर के मुताबिक, यह वही दौर था जब उन्हें इस पूरी स्थिति की सच्चाई का पता चला था। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए भी बेहद भावनात्मक था, क्योंकि संगीत रिकॉर्डिंग के दौरान खुशी और दर्द दोनों एक साथ महसूस हो रहे थे।

जसपिंदर ने यह भी बताया कि मोना कपूर ने उनसे कहा था कि उस समय उनके जीवन में भावनात्मक उथल-पुथल इतनी ज्यादा थी कि वह खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। बावजूद इसके, जीवन आगे बढ़ता रहा और समय के साथ सब कुछ बदलता गया।

इस खुलासे ने एक बार फिर फिल्म ‘जुदाई’ से जुड़े उस दौर की निजी कहानियों को सामने ला दिया है, जो पर्दे के पीछे काफी जटिल और भावनात्मक थीं। जहां एक तरफ फिल्म और उसके गाने सफलता के नए कीर्तिमान बना रहे थे, वहीं दूसरी ओर कई निजी रिश्ते टूटने की कगार पर थे।

यह किस्सा न सिर्फ बॉलीवुड के उस दौर की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्लैमर और सफलता के पीछे कई बार गहरे दर्द और व्यक्तिगत संघर्ष छिपे होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर