नई दिल्ली। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री नीतू कपूर ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पति ऋषि कपूर के निधन के बाद वह गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चली गई थीं। यह वह समय था जब उनके जीवन में खालीपन और दर्द इतना बढ़ गया था कि वह सामान्य जीवन जीने में भी असमर्थ हो गई थीं।
नीतू कपूर ने बताया कि ऋषि कपूर के जाने के बाद वह कई दिनों तक ठीक से सो नहीं पाई थीं। लगातार नींद की कमी और मानसिक तनाव के चलते उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। इसी दौरान वह शराब पर निर्भर होने लगी थीं, जिससे उनकी स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि वह उस समय खुद को संभाल नहीं पा रही थीं और यह दौर उनके लिए बेहद कठिन था।
उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें मेडिकल मदद लेनी पड़ी। रात के करीब 11 बजे डॉक्टर उनके घर आते थे और उन्हें नींद लाने के लिए इंजेक्शन दिया जाता था। यह सिलसिला लगभग 10 दिनों तक चला। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार आने लगा।
नीतू कपूर ने कहा कि उस समय वह खुद को मानसिक रूप से बहुत कमजोर महसूस कर रही थीं और उन्हें अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। इसी बीच फिल्ममेकर करण जौहर ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें दोबारा काम पर लौटना चाहिए। उनका मानना था कि काम पर वापसी करने से नीतू कपूर को भावनात्मक सहारा मिलेगा और वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट पाएंगी।
इसके बाद नीतू कपूर ने फिल्म ‘जुग-जुग जियो’ से वापसी की। हालांकि इस फिल्म के रिलीज होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। लोगों ने उन्हें इस बात के लिए आलोचना की कि पति के निधन के कुछ समय बाद ही उन्होंने काम शुरू कर दिया। इस पर नीतू कपूर ने कहा कि लोगों को उनके दर्द और मानसिक स्थिति की जानकारी नहीं थी, इसलिए वे गलत धारणा बना बैठे।
नीतू कपूर ने कहा कि वह फिल्म इंडस्ट्री में इसलिए लौटीं क्योंकि उन्हें खुद को दोबारा मजबूत बनाना था। काम उनके लिए थेरेपी की तरह था, जिससे वह धीरे-धीरे अपने दर्द से बाहर निकल सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि ऋषि कपूर के साथ बिताए गए वर्षों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया, लेकिन उनके जाने के बाद जीवन को फिर से संभालना आसान नहीं था।
गौरतलब है कि नीतू कपूर ने ऋषि कपूर से शादी के बाद लंबे समय तक फिल्मों से दूरी बना ली थी। उन्होंने 1980 में शादी की थी और 1983 में उनकी आखिरी फिल्म ‘गंगा मेरी मां’ रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने लगभग 26 साल का लंबा ब्रेक लिया और 2009 में ‘लव आज कल’ से वापसी की।
आज नीतू कपूर न सिर्फ एक अनुभवी अभिनेत्री के रूप में काम कर रही हैं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी के अनुभवों से भी लोगों को प्रेरित कर रही हैं। उनका यह खुलासा यह दिखाता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे भी कई गहरे और भावनात्मक संघर्ष छिपे होते हैं।