यह नया Edu+ Pack खासतौर पर उन छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस वहन नहीं कर सकते या जिनके पास बड़े शहरों तक पहुंच नहीं है। इस प्लान की शुरुआत फिलहाल चुनिंदा सर्कल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है। इसमें राजस्थान में इसकी कीमत 375 रुपये और यूपी ईस्ट में 409 रुपये तय की गई है। इस पैक की वैधता 28 दिनों की है, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, हाई-स्पीड डेटा और SMS की सुविधा मिलती है।
Vi Edu+ Pack की सबसे बड़ी खासियत इसका एडटेक कंटेंट है। इसमें फिजिक्स वाला के “Pi Pro” प्लेटफॉर्म का एक्सेस दिया गया है, जो भारत के सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इस प्लेटफॉर्म पर छात्रों को KG से लेकर 12वीं तक का पूरा कोर्स, JEE, NEET, UPSC, GATE और NDA जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विस्तृत अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
इसमें 30,000 से अधिक वीडियो लेक्चर्स, विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए नोट्स, रिविजन सीरीज और वन-शॉट लेक्चर्स शामिल हैं। इसके अलावा छात्रों को AI आधारित डाउट सॉल्विंग सिस्टम भी दिया गया है, जिससे वे अपने सवालों का तुरंत समाधान पा सकते हैं। यह फीचर छात्रों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है क्योंकि यह व्यक्तिगत ट्यूटर जैसा अनुभव प्रदान करता है।
इसके साथ ही इस प्लान में ऑफलाइन डाउनलोड सुविधा भी दी गई है, जिससे छात्र बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। यह सुविधा उन क्षेत्रों में बेहद मददगार साबित हो सकती है जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी कमजोर होती है।
टेलीकॉम कंपनियां अब तक अपने रिचार्ज प्लान्स में मनोरंजन, OTT सब्सक्रिप्शन और गेमिंग जैसी सुविधाएं देती रही हैं, लेकिन Vi का यह कदम शिक्षा केंद्रित डिजिटल सेवाओं की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में टेलीकॉम और एडटेक सेक्टर के बीच नए सहयोग की शुरुआत कर सकता है।
यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो Vi इसे पूरे देश में लागू कर सकता है। इससे लाखों छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। साथ ही अन्य टेलीकॉम कंपनियां भी इसी तरह के एजुकेशन-आधारित रिचार्ज प्लान लॉन्च कर सकती हैं।
कुल मिलाकर Vi Edu+ Pack मोबाइल रिचार्ज को सिर्फ कनेक्टिविटी सेवा से आगे बढ़ाकर एक डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम में बदलने की कोशिश है, जो भारत में शिक्षा के भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।