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हरियाणा के छात्र ने खोजे UPI के 3 खतरनाक बग, साइबर फ्रॉड रोकने के लिए बनाया नया सिक्योर सिस्टम



नई दिल्ली। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के तलवाना खेड़ी गांव के बीटेक कंप्यूटर साइंस छात्र अंकित ठाकुर ने साइबर ठगी की एक घटना के बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उनके पिता, जो पेशे से ड्राइवर हैं, के साथ 20 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई थी, जिसके बाद अंकित ने UPI सिस्टम की गहराई से स्टडी शुरू की।

रिसर्च के दौरान अंकित ने दावा किया कि उन्होंने UPI सिस्टम में तीन गंभीर तकनीकी खामियां (बग्स) खोजी हैं। इनमें क्रोम इंटेंट वल्नरेबिलिटी शामिल है, जिसके जरिए फर्जी वेबसाइट्स बिना अनुमति पेमेंट ऐप खोल सकती हैं। दूसरी खामी ऑथेंटिकेशन बाईपास से जुड़ी है, जिससे कुछ मामलों में लॉक और बायोमेट्रिक सिक्योरिटी को दरकिनार किया जा सकता है। तीसरी और सबसे गंभीर खामी ऑडियो हाईजैक बताई गई है, जिसमें बैकग्राउंड में चल रहे फर्जी ऐप्स यूजर को गलत निर्देश देकर ठगी के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

इन खामियों को समझने के बाद अंकित ने एक वैकल्पिक और अधिक सुरक्षित UPI सिस्टम और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने का दावा किया है। उनका कहना है कि यह नया सिस्टम न केवल साइबर फ्रॉड को रोक सकता है, बल्कि गलत ट्रांजेक्शन से होने वाले नुकसान को भी कम करेगा।

अंकित ने अपनी तकनीक को पेटेंट करने की बजाय इसे भारत सरकार को मुफ्त देने की पेशकश की है, ताकि देशभर के UPI यूजर्स को सुरक्षित डिजिटल पेमेंट अनुभव मिल सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने कुछ सुरक्षा रिपोर्ट्स गूगल के सिक्योरिटी सिस्टम तक भी भेजी हैं, जिनमें से एक खामी को पहले ही ठीक किया जा चुका है।

अंकित का कहना है कि अगर सरकार और सुरक्षा एजेंसियां सहयोग करें तो इस तकनीक का इस्तेमाल बड़े स्तर पर साइबर अपराध रोकने में किया जा सकता है और डिजिटल इंडिया को और सुरक्षित बनाया जा सकता है

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