नाराज किसानों ने किया चक्काजाम
खाद न मिलने और बार-बार हो रही परेशानियों से आक्रोशित किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर खड़े कर चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना था कि यदि आज का टोकन एक्सपायर हो जाता है तो उन्हें फिर से पूरी प्रक्रिया दोहरानी पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होगी। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रशासन मौके पर पहुंचा, समझाइश से शांत हुआ मामला
स्थिति बिगड़ती देख बमोरी पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि किसानों के आज के टोकन मान्य रहेंगे और इन्हीं के आधार पर उन्हें अगले दिन खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और सड़क यातायात बहाल हो गया।
ऑनलाइन सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना ने खाद वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि सर्वर डाउन और तकनीकी खराबी के कारण उन्हें बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि समय पर खाद न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है।
बमोरी की यह घटना साफ दर्शाती है कि डिजिटल व्यवस्था के बावजूद जमीनी स्तर पर तकनीकी खामियां किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं। प्रशासनिक आश्वासन के बाद भले ही मामला शांत हो गया हो, लेकिन सिस्टम की खामियों को सुधारने की जरूरत अब और ज्यादा महसूस की जा रही है।