असल में गूगल आपके यूज़रनेम को पूरे सिस्टम में ढूंढने के लिए अलग-अलग हिस्सों में बंटे बड़े डेटाबेस का इस्तेमाल करता है। इसे वितरित डेटाबेस प्रणाली कहा जाता है, जिसमें डेटा एक ही जगह नहीं बल्कि दुनिया भर के कई सर्वर (Data Centers) में स्टोर रहता है। जैसे ही आप कोई नाम डालते हैं, कई सर्वर एक साथ काम शुरू कर देते हैं और तुरंत चेक कर लेते हैं कि वह नाम पहले से मौजूद है या नहीं।
Cache सिस्टम कैसे करता है काम
गूगल बार-बार इस्तेमाल होने वाले usernames को Cache Memory में भी रखता है। यह एक तरह की सुपर फास्ट मेमोरी होती है, जहां अक्सर सर्च किए जाने वाले नाम पहले से सेव रहते हैं। इससे सिस्टम को हर बार पूरे डेटाबेस में खोज करने की जरूरत नहीं पड़ती और रिजल्ट तुरंत मिल जाता है।
स्मार्ट इंडेक्सिंग का कमाल
Google अपने पूरे डेटा को एक स्मार्ट इंडेक्स सिस्टम की तरह मैनेज करता है, ठीक वैसे ही जैसे किसी लाइब्रेरी में किताबें अलग-अलग सेक्शन में रखी होती हैं। इससे सिस्टम सीधे सही जगह पहुंच जाता है, और पूरा डेटा स्कैन नहीं करना पड़ता।
कुछ नाम पहले से ब्लॉक क्यों होते हैं
टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Google कुछ usernames को पहले से रिजर्व या ब्लॉक भी कर देता है। इसमें बड़े ब्रांड्स के नाम, सेलिब्रिटी नाम और स्पैम से जुड़े शब्द शामिल होते हैं, ताकि फर्जी अकाउंट और धोखाधड़ी को रोका जा सके।
इतनी तेजी कैसे संभव है
गूगल के हजारों डेटा सेंटर और करोड़ों सर्वर मिलकर एक साथ काम करते हैं, जिससे Gmail जैसे प्लेटफॉर्म पर username चेकिंग एक सेकंड से भी कम समय में हो जाती है। यही वजह है कि यूजर को तुरंत पता चल जाता है कि नाम उपलब्ध है या नहीं।जीमेल में पहले से ही लिया जा चुका है मैसेज किसी साधारण चेकिंग का नतीजा नहीं है, बल्कि यह गूगल के बेहद तेज, स्मार्ट और मल्टी-लेयर डेटा सिस्टम का कमाल है, जो अरबों यूजर्स को बिना किसी देरी के सेवा देता है।