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शरीर पर छिपकली गिरना शुभ या अशुभ? सामुद्रिक शास्त्र में जानें हर अंग का संकेत



नई दिल्ली। प्राचीन मान्यताओं और ज्योतिषीय ग्रंथ Samudrik Shastra में शरीर पर छिपकली गिरने को केवल एक सामान्य घटना नहीं बल्कि एक संकेत के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर छिपकली गिरने का अर्थ अलग-अलग फल देता है, जो व्यक्ति के जीवन में शुभ या अशुभ घटनाओं की ओर इशारा कर सकता है।

सिर पर छिपकली गिरना अत्यंत शुभ माना जाता है और इसे धन, सम्मान या बड़े अवसर की प्राप्ति का संकेत बताया गया है। वहीं माथे पर गिरना किसी पुराने परिचित से मुलाकात या सामाजिक मान-सम्मान बढ़ने का संकेत देता है। नाक पर छिपकली गिरने को स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है, जिसमें रोग से राहत मिलने की संभावना बताई जाती है।

कान पर छिपकली गिरना शुभ समाचार या लाभ का संकेत माना जाता है, जबकि आंख पर गिरना मानसिक तनाव से मुक्ति का प्रतीक बताया जाता है। होंठों पर इसके प्रभाव को आर्थिक स्थिति से जोड़ा गया है, जिसमें ऊपर के होंठ पर गिरना नुकसान और नीचे के होंठ पर गिरना लाभ का संकेत माना जाता है।

हाथों पर छिपकली गिरने के भी अलग अर्थ बताए गए हैं—दाहिने हाथ पर गिरना सफलता और सम्मान का संकेत है, जबकि बाएं हाथ पर इसे सावधानी का संकेत माना गया है। पेट और नाभि क्षेत्र पर गिरना सुख-समृद्धि और संतान सुख से जुड़ा शुभ संकेत माना जाता है।

पीठ पर छिपकली गिरना आमतौर पर अशुभ माना जाता है, जबकि पैर या जांघ पर इसका गिरना यात्रा, स्थान परिवर्तन या वाहन सुख से जुड़ा संकेत बताया जाता है।

हालांकि यह सभी मान्यताएं पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं और इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी लोग इन्हें लोक आस्था और ज्योतिषीय संकेत के रूप में देखते हैं।

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