Mahakaushal Times

स्वच्छता की कला से सजा शहर: भोपाल में 40 जगहों पर बनीं आकर्षक पेंटिंग्स


नई दिल्ली। भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। संभावना जताई जा रही है कि सर्वेक्षण टीम अगले दो दिनों में शहर का दौरा कर सकती है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई और सौंदर्यीकरण के काम तेज कर दिए हैं।

शहर के जोन-9 स्थित पंजाबी बाग सहित करीब 40 स्थानों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग और म्यूरल आर्ट तैयार किए गए हैं। एक गली में समुद्र की आकृति उकेरकर स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया, जहां लोग बड़ी संख्या में इसे देखने पहुंचे। इन पेंटिंग्स का उद्देश्य केवल सौंदर्य बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।

नगर निगम का पूरा फोकस अब “विजिबल क्लीनलीनेस” यानी जमीन पर दिखने वाली सफाई पर है, क्योंकि इस बार सर्वेक्षण में इसी मानक को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। इसके लिए शहर में सड़क सफाई, नालों की सफाई, बैक लेन की मरम्मत और सार्वजनिक शौचालयों के सुधार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, कोलार, बैरागढ़ और पुराने शहर के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कचरा संग्रहण और उसके निपटान पर भी अतिरिक्त ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सर्वे टीम के सामने शहर की साफ-सुथरी छवि प्रस्तुत की जा सके।

हालांकि जमीन पर स्थिति पूरी तरह सुधरी नहीं है। कई स्थानों पर अब भी उखड़ी सड़कें, खुले नाले, टूटे डस्टबिन और गंदगी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जो नगर निगम के लिए चुनौती साबित हो रही हैं। इसी कारण शहर को मिलने वाले 1500 विजिबल क्लीनलीनेस अंकों पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

स्वच्छ सर्वेक्षण के नए नियमों के अनुसार, इस बार रैंकिंग का आधार केवल कागजी रिपोर्ट नहीं बल्कि ऑन-ग्राउंड क्लीनलीनेस, नागरिक फीडबैक, कचरा प्रबंधन और स्टार रेटिंग सिस्टम पर भी निर्भर करेगा। कुल मिलाकर 10 प्रमुख इंडिकेटर्स के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय होगी।

सबसे बड़ी चुनौती के रूप में आदमपुर कचरा खंती सामने है, जहां वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट और बार-बार लगने वाली आग ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। इसके अलावा कई स्थानों पर कचरा पॉइंट फिर से सक्रिय हो गए हैं, जिससे रैंकिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

नगर निगम ने दावा किया है कि बैक लेन सुधार, म्यूरल आर्ट और कचरा हटाने के अभियान अंतिम चरण में हैं और टीम के आने से पहले अधिकतम काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

कुल मिलाकर, भोपाल प्रशासन इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है, लेकिन जमीनी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर