मध्य प्रदेश /भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में नवविवाहिता ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब यह पारिवारिक विवाद से आगे बढ़कर गंभीर आपराधिक जांच के दायरे में आ गया है। घटना के बाद से परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित दहेज हत्या का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग तेज कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना दिया है, जहां एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की शादी के बाद से ही उसे ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना है कि शुरुआत से ही व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगे थे और शादी के कुछ ही समय बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। इस मामले में सबसे गंभीर आरोप उस समय सामने आए जब हनीमून के दौरान ही कथित रूप से विवाद और हिंसक व्यवहार की घटना का जिक्र किया गया, जिसे परिवार ने प्रताड़ना की शुरुआती चेतावनी बताया है।
परिजनों का यह भी दावा है कि शादी के बाद ट्विशा को लगातार मानसिक दबाव में रखा गया और आर्थिक तथा सामाजिक कारणों को लेकर ताने दिए जाते रहे। नौकरी छूटने के बाद स्थिति और अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से कथित रूप से व्यवहार में और कठोरता आ गई। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी बार-बार अपनी परेशानी साझा करती थी और वह मानसिक तनाव में रहने लगी थी।
इस बीच, मोबाइल संदेशों और बातचीत के हवाले से यह दावा किया गया है कि ट्विशा ने अपने जीवन में बढ़ती परेशानियों का जिक्र करते हुए कई बार असहायता और मानसिक दबाव की बात कही थी। परिवार का आरोप है कि उसे इस स्थिति में लगातार अपमान और दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे उसका मानसिक संतुलन प्रभावित हुआ।
पिता ने अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे कठोर और दोहरे व्यक्तित्व वाला व्यक्ति बताया है। उनका कहना है कि बाहर से सामान्य दिखने वाला व्यवहार अंदर से पूरी तरह अलग था। परिवार ने यह भी दावा किया है कि पहले भी इसी परिवार में वैवाहिक विवाद की स्थिति सामने आ चुकी थी, जिससे उनके आरोप और मजबूत होते हैं।
मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर पति और सास के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी पति फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दूसरी ओर, मृतका के पिता ने प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया है और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
फिलहाल यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर सच तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।