शहर की सड़कों पर दोपहर के समय पूरी तरह सन्नाटा देखने को मिल रहा है। बाजारों में रौनक गायब है और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। सूरज की तपिश सुबह 8:30 बजे से ही तेज महसूस होने लगती है और दोपहर 12 से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और आम पना जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। साथ ही सूती और ढीले कपड़े पहनने, सिर ढककर बाहर निकलने और धूप में ज्यादा देर न रहने की चेतावनी दी गई है।
डॉक्टरों के अनुसार लू लगने पर सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, बेहोशी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में तुरंत मरीज को छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टियां रखनी चाहिए और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है। खाली पेट बाहर निकलना, ज्यादा मसालेदार भोजन करना और लंबे समय तक धूप में रहना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गर्मी का यह दौर आने वाले दिनों में और कठिन हो सकता है, जिससे जनजीवन पर असर और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है।