मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार, इस समय रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता मात्र 15 प्रतिशत के आसपास है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं गर्मी के असर को और बढ़ा रही हैं, जिससे लू का प्रभाव और अधिक महसूस किया जा रहा है।
दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो जाते हैं कि शहर के बाजार और मुख्य चौराहों पर सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर 1 बजे के बाद सड़कें लगभग खाली हो जाती हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो गर्म हवाओं और जलते सूरज से बचने के लिए चेहरे को रुमाल, गमछा, हेलमेट और चश्मे से ढककर निकल रहे हैं।
गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि मोबाइल फोन अत्यधिक गर्म होकर धीमे काम कर रहे हैं या बार-बार बंद हो जा रहे हैं। कुछ मामलों में स्मार्टफोन की कार्यक्षमता पर भी असर देखा जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, फिलहाल कुछ दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रहेगा, हालांकि 20 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट संभव है। लेकिन नौतपा के दौरान एक बार फिर तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं प्री-मानसून गतिविधियां 1 जून के आसपास शुरू होने और 16 जून तक मानसून के शाजापुर पहुंचने की संभावना जताई गई है।
फिलहाल, तेज गर्मी और लू ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और प्रशासन ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।