विशेषज्ञों के अनुसार, पैरों में शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक पसीने की ग्रंथियां होती हैं। जब यह पसीना बाहर नहीं निकल पाता, तो जूतों के अंदर गर्म और नम वातावरण बन जाता है, जो बैक्टीरिया के विकास के लिए आदर्श स्थिति प्रदान करता है। यही कारण है कि गर्मियों में Foot Odor की समस्या अधिक देखने को मिलती है।
इस समस्या से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है रोज साफ और सूती मोजों का इस्तेमाल करना। कॉटन मोजे पसीने को जल्दी सोख लेते हैं और पैरों को सूखा रखने में मदद करते हैं। एक ही मोजे को बार-बार पहनना बैक्टीरिया की वृद्धि को बढ़ावा देता है, इसलिए रोजाना मोजे बदलना जरूरी माना जाता है।
इसके अलावा, पैरों की सही सफाई भी बेहद आवश्यक है। नहाने के बाद पैरों को अच्छे से सुखाना चाहिए, विशेषकर उंगलियों के बीच की जगह को, क्योंकि यहां नमी लंबे समय तक बनी रहती है। यदि अधिक पसीना आता है तो फुट पाउडर का उपयोग भी राहत दे सकता है, जिससे पैरों में सूखापन बना रहता है।
जूते भी इस समस्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक ही जूते को लगातार पहनने से उसमें नमी जमा हो जाती है, जिससे बदबू और बैक्टीरिया दोनों बढ़ते हैं। इसलिए जूतों को समय-समय पर धूप में रखना चाहिए ताकि उनमें मौजूद नमी और कीटाणु खत्म हो सकें। साथ ही, कोशिश करनी चाहिए कि कम से कम दो जोड़ी जूते इस्तेमाल किए जाएं और उन्हें बदल-बदलकर पहना जाए।
घरेलू उपायों में नींबू और बेकिंग सोडा का मिश्रण भी काफी प्रभावी माना जाता है। गुनगुने पानी में इन दोनों को मिलाकर पैरों को कुछ देर डुबोने से बैक्टीरिया कम होते हैं और पैरों को ताजगी मिलती है। इसी तरह फिटकरी वाले पानी से पैर धोने पर भी बदबू में कमी आती है, क्योंकि फिटकरी में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं।
सही फुटवियर का चुनाव भी बेहद जरूरी है। बहुत टाइट जूते पहनने से हवा का प्रवाह रुक जाता है, जिससे पसीना अधिक जमा होता है और बदबू बढ़ती है। गर्मियों में हल्के, खुले और सांस लेने वाले जूते पहनना बेहतर विकल्प माना जाता है।
कुल मिलाकर, पैरों की बदबू कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर यह असहज स्थिति पैदा कर सकती है। थोड़ी सी सावधानी, नियमित सफाई और सही आदतों के जरिए इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है और पूरे दिन पैरों को तरोताजा रखा जा सकता है।