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दवा संकट की आशंका: जबलपुर में मेडिकल स्टोर्स बंद, प्रशासन ने की वैकल्पिक व्यवस्था


नई दिल्ली । ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। इस हड़ताल का असर पूरे देश में देखने को मिला, जहां करीब 12 लाख से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहे। मध्यप्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ जबलपुर में भी इसका व्यापक असर पड़ा, जहां लगभग 2000 मेडिकल स्टोरों ने अपने शटर गिरा दिए।

जबलपुर में दवा बाजार पर असर, दुकानें बंद
जबलपुर शहर में सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद नजर आए। दवा खरीदने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अस्पतालों के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर्स को हड़ताल से बाहर रखा गया है, ताकि गंभीर मरीजों को दवा मिलती रहे।

केमिस्ट संगठनों का आरोप स्वास्थ्य के लिए खतरा
केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित जांच के दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे गलत दवा सेवन और दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। उनका तर्क है कि ऑफलाइन मेडिकल स्टोर्स में दवाएं देने से पहले डॉक्टर की पर्ची और जांच की प्रक्रिया सख्ती से अपनाई जाती है। संगठन का मानना है कि ई-फार्मेसी के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन ने की वैकल्पिक व्यवस्था
हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन ने मरीजों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। सरकारी अस्पतालों, जन औषधि केंद्रों और अमृत फार्मेसी को चालू रखा गया है ताकि मरीजों को जरूरी दवाएं मिल सकें।

हेल्पलाइन और आपात व्यवस्था जारी
आपात स्थिति में दवा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीज या परिजन औषधि निरीक्षकों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

देवेंद्र कुमार जैन: 88199 04545
प्रवीण पटेल: 95899 07750
कंट्रोल रूम (भोपाल): 0755-2665385

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