सुबह के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है, क्योंकि तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, तेज धूप और गर्म हवाएं स्थिति को और गंभीर बना देती हैं। दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग सुनसान हो जाती हैं, और केवल जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, बुखार, कमजोरी और लू लगने से संबंधित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो रही है।
गर्मी और लू के कारण रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। मजदूर वर्ग को खुले आसमान के नीचे काम करने में भारी परेशानी हो रही है, वहीं छोटे व्यापारियों और राहगीरों को भी गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग छांव और ठंडी जगहों की तलाश में नजर आते हैं।
मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए चेतावनी जारी की है कि आने वाले 25 मई तक जिले में लू का प्रभाव जारी रह सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तापमान में फिलहाल कोई बड़ी गिरावट के आसार नहीं हैं, बल्कि गर्म हवाओं का असर और बढ़ सकता है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें तथा धूप से बचाव के लिए सिर को ढककर ही बाहर निकलें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की भीषण गर्मी में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है, क्योंकि लू का असर अचानक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। फिलहाल पूरे जिले में गर्मी का यह दौर लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।