घटना के दौरान छात्रों ने हॉस्टल परिसर में न केवल अनुशासन तोड़ा बल्कि कुर्सियां, टेबल, खिड़कियों के कांच और पानी की टंकी तक को नुकसान पहुंचाया। यह पूरा घटनाक्रम ‘दारू बदनाम कर दी’ गाने पर डांस के दौरान हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और अनुशासन समिति की आपात बैठक बुलाई गई।
प्रबंधन ने प्रारंभिक जांच के आधार पर तय किया है कि दोषी छात्रों पर 25 हजार रुपये प्रति छात्र जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा उन्हें अंतिम परीक्षा से भी वंचित किया जा सकता है और उनके परिणाम रोके जाने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि केवल उन्हीं छात्रों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने वास्तव में तोड़फोड़ की है, जबकि बाकी शामिल छात्रों की भूमिका की जांच की जा रही है।
IET के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल के अनुसार वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर छात्रों की पहचान की जा रही है और अगले दो से तीन दिनों में सभी दोषियों को नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी छात्र के अभिभावक विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क में नहीं आए हैं, जिससे मामला और गंभीर माना जा रहा है।
हॉस्टल में करीब 150 छात्र रहते हैं, लेकिन इस घटना में कुछ ही छात्रों की भूमिका स्पष्ट हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिसर में अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इस बीच अनुशासन समिति पहले ही आपात बैठक कर चुकी है और कड़ी सजा की अनुशंसा कुलगुरु तक भेजी जा चुकी है। अब अंतिम मंजूरी कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई से ली जानी बाकी है, जिसके बाद कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कुल मिलाकर यह मामला केवल हॉस्टल अनुशासन का नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की साख और छात्रों के व्यवहार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। प्रशासन का सख्त रुख यह संकेत देता है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।